अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह अमेरिका ने ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के मुताबिक, केश्म, किश, काजेरून, अहवाज, अबादान, शादेगान, अरवंदकेनार, बुशेहर, जाम और खोरमोज समेत कई इलाकों को निशाना बनाया गया।
इन हमलों की सबसे दर्दनाक तस्वीर केश्म द्वीप से सामने आई, जहां एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में एक दंपती और उनके दो साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। वहीं, परिवार के दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और राहत-बचाव टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रही हैं।
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने दावा किया है कि यह कार्रवाई ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर की गई। अमेरिका के अनुसार, हमलों में कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन सुविधाएं, तटीय निगरानी एवं रक्षा ठिकाने और समुद्री सैन्य क्षमताओं से जुड़े कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इस पूरे घटनाक्रम से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बयान देते हुए कहा था कि जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला करने की कोशिश की गई थी। ट्रम्प ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “उन्होंने हमला करने की कोशिश की, अब हमारी बारी है।”
फिलहाल इन हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। दुनिया की नजर अब ईरान की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। यदि जवाबी कार्रवाई होती है, तो यह टकराव और भी व्यापक रूप ले सकता है, जिसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक हालात पर पड़ सकता है।







