कांवड़ यात्रा को लेकर मौलाना साजिद रशीदी की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कांवड़ियों को लेकर दिए गए बयान पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गुरुवार रात दरबार के दौरान उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति की गलती या किसी एक घटना के आधार पर पूरे कांवड़ समाज को एक नजर से देखना उचित नहीं है।
धीरेंद्र शास्त्री ने कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को आतंकवादी कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांवड़िए आस्था और श्रद्धा के साथ यात्रा करते हैं और करोड़ों लोग इस धार्मिक परंपरा से जुड़े हुए हैं। ऐसे में पूरे समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना न केवल गलत है, बल्कि सामाजिक माहौल को भी प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि अगर कांवड़ियों को आतंकवादी कहने जैसी भाषा का इस्तेमाल किया जाएगा, तो उसका जवाब भी उसी मजबूती से दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि बयान देने से पहले शब्दों और उनके असर के बारे में बार-बार सोचना चाहिए।
बयान सामने आने के बाद अब कांवड़ यात्रा, धार्मिक आस्था और सार्वजनिक टिप्पणियों को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ जहां धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर विवादित बयानों से बचने की अपील भी उठ रही है।
कांवड़ यात्रा देश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर साल हिस्सा लेते हैं। ऐसे में इस विवाद ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक आस्था से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक मंचों से बयान देते समय जिम्मेदारी और संयम कितना जरूरी है।






