देश में अगले साल होने वाली जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने प्रश्नावली जारी कर दी है। इस बार जनगणना सिर्फ परिवार की संख्या और मकान की जानकारी तक सीमित नहीं रहने वाली। परिवार के मुखिया से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत जानकारी भी शामिल होगी।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, फरवरी 2027 में प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे और परिवारों से निर्धारित सवालों के जवाब दर्ज करेंगे। खास बात यह है कि इस बार लोगों से उनकी जाति की जानकारी भी ली जाएगी। एससी और एसटी से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी, जबकि प्रश्नावली में ओबीसी के लिए अलग से कोई कॉलम नहीं रखा गया है।
जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया से यह भी पूछा जाएगा कि वह मुख्य रूप से किस वाहन से आता-जाता है। यानी आपकी यात्रा का साधन भी सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा बनेगा। इसके अलावा परिवार के मुखिया के पास कितने बैंक खाते हैं, इसकी जानकारी भी मांगी जाएगी।
इतना ही नहीं, कोरोना महामारी से जुड़ी जानकारी भी इस जनगणना में शामिल है। लोगों से पूछा जाएगा कि उन्होंने कोविड का टीका कहां लगवाया था।
2011 की जनगणना की तुलना में इस बार सवालों का दायरा बढ़ाया गया है। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने अधिकारियों को सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत जानकारियां जुटाने के निर्देश दिए हैं।
14 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 8 के तहत स्थानीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों से इन सवालों के जवाब लिए जाएंगे।
यानी 2027 की जनगणना में सिर्फ यह नहीं गिना जाएगा कि देश में कितने लोग रहते हैं, बल्कि यह जानने की कोशिश भी होगी कि वे किस सामाजिक और आर्थिक परिस्थिति में रह रहे हैं और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी कैसी है।






