स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली के लाल किले में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार दूसरे साल नजर नहीं आए। रक्षा मंत्रालय की ओर से दोनों नेताओं को समारोह का औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन इसके बावजूद दोनों कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 2024 में राहुल गांधी की सीटिंग व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उस समय राहुल गांधी को कथित तौर पर पांचवीं लाइन में बैठाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। कांग्रेस ने इसे नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा से जोड़कर सवाल उठाए थे।
लगातार दूसरे साल समारोह से दूरी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाने के योग्य नहीं हैं। पार्टी ने उनकी विचारधारा पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए उनकी सोच को ‘दिमागी नक्सल इकोसिस्टम’ जैसा बताया।
वहीं, कांग्रेस की ओर से समारोह में शामिल नहीं होने की वजह को लेकर इस समय कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में 2024 का सीटिंग विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
एक तरफ देश 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव और एकता के संदेश के साथ मना रहा है, तो दूसरी तरफ लाल किले के समारोह से प्रमुख विपक्षी नेताओं की अनुपस्थिति ने सियासी चर्चाओं को और तेज कर दिया है। अब सवाल यही है कि क्या यह महज व्यक्तिगत अनुपस्थिति है या फिर 2024 के विवाद का राजनीतिक असर अब भी जारी है।






