देश के कई राज्यों में मानसून अब राहत नहीं, बल्कि बड़ी आफत बनकर बरस रहा है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से अचानक आई फ्लैश फ्लड ने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। तेज बहाव के कारण लोगों में दहशत फैल गई, जबकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिले के सभी स्कूल बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद में जुटे हैं।
उधर, केरल में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। कोच्चि सहित कई दक्षिणी जिलों में 24 घंटे के भीतर रिकॉर्ड 361 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ, जिसमें कम से कम 6 लोगों की जान चली गई। कई सड़कें बंद हो गई हैं और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
गुजरात में भी बारिश ने तबाही मचा दी है। सूरत, मोरबी और आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए। सूरत के अंबिका तालुका में महज 24 घंटे में 611 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो बेहद असाधारण मानी जा रही है। प्रशासन ने समय रहते 27 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि 53 लोगों का रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई गई।
इधर, भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार से अरुणाचल प्रदेश के कई जिलों में भी भारी बारिश, तेज हवाओं और तूफान का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
फिलहाल, उत्तर से दक्षिण और पश्चिम से पूर्व तक मानसून का यह रौद्र रूप पूरे देश के लिए चिंता का विषय बन चुका है। प्रशासन अलर्ट पर है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम की चुनौती और बढ़ सकती है। इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।







