संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही महज 1 मिनट चली, जबकि राज्यसभा करीब एक घंटे तक चली। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पूरी केंद्रीय कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहे।
लोकसभा में राष्ट्रगान और वंदे मातरम गान के बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। आखिरी दिन सदन की बेहद कम अवधि की कार्यवाही ने एक बार फिर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक खींचतान को चर्चा में ला दिया।
वहीं राज्यसभा में आखिरी दिन खनन क्षेत्र से जुड़े MMDR संशोधन बिल को पारित किया गया। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में अपने कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण की घटना का मुद्दा उठाया और इसे लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए।
संसद के बाहर भी विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। सांसद हाथों में बंदर के खिलौने लेकर पहुंचे और सरकार पर लोकतांत्रिक मुद्दों से बचने के आरोप लगाए। इस प्रदर्शन ने संसद परिसर के बाहर राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।
कुल मिलाकर मानसून सत्र का आखिरी दिन बेहद संक्षिप्त लेकिन राजनीतिक रूप से काफी गरम रहा। सदन के अंदर कार्यवाही कम हुई, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और विरोध का सिलसिला पूरे दिन सुर्खियों में बना रहा।







