पन्ना की धरती एक बार फिर बेशकीमती हीरे की चमक से जगमगा उठी है। जिले की एक खदान में 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी डायमंड मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। खास बात यह है कि ये कीमती हीरा बारिश के बाद खदान से निकले मलबे में चमकता हुआ दिखाई दिया।
जानकारी के मुताबिक, अखिलेश पाल ने करीब दो साल पहले अपने खेत में हीरा खदान के लिए पट्टा लिया था। इस खदान में कुल सात साझेदार हैं। मंगलवार को बारिश के बाद अखिलेश और उनके साथी खदान से निकले मलबे का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान मिट्टी के ढेर में पानी से धुलकर चमकती हुई चीज दिखाई दी। जांच के बाद पता चला कि वह 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा है।
हीरा मिलने की खबर से खदान में खुशी की लहर दौड़ गई। नियमानुसार हीरे को सरकारी हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है। अब इसे आगामी नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी से मिलने वाली रकम में से सरकार की रॉयल्टी और टैक्स की राशि काटने के बाद शेष रकम खदान के मालिकों को दी जाएगी।
इस खदान में अखिलेश पाल के साथ संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल, अरुण रावत, हेमचंद्र पाल, जमुना पाल और हीरालाल कुशवाहा साझेदार हैं। यानी बारिश के बाद मिट्टी में चमका यह हीरा सातों साझेदारों के लिए किस्मत का बड़ा तोहफा साबित हो सकता है।
पन्ना में हीरों की तलाश लगातार जारी है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक पन्ना के शासकीय हीरा कार्यालय में 14 हीरे जमा किए जा चुके हैं, जिनका कुल वजन 61.94 कैरेट है। कभी मिट्टी में दबा खजाना और कभी बारिश के पानी से चमकता हीरा—पन्ना की धरती कब किसकी किस्मत बदल दे, कहना मुश्किल है।







