उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 17 अगस्त की रात 12 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। खास बात यह है कि इस बार 17 अगस्त को श्रावण माह का तीसरा सोमवार भी है और इसी दिन बाबा महाकाल की सवारी भी निकलेगी। ऐसे में उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नागचंद्रेश्वर मंदिर में शीघ्र दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी गई है। शीघ्र दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को 300 रुपए शुल्क देना होगा।
ऑनलाइन बुकिंग के लिए श्रद्धालुओं को महाकाल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद पासवर्ड बनाकर लॉगिन करने पर दर्शन के लिए उपलब्ध समय के स्लॉट दिखाई देंगे।
इस बार श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार 11 अलग-अलग स्लॉट में से किसी एक समय का चुनाव कर सकेंगे। ये स्लॉट 17 अगस्त की रात 12 बजे से अगले 24 घंटे की अवधि के लिए उपलब्ध होंगे।
बुकिंग की व्यवस्था पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर रखी गई है। यानी जैसे-जैसे स्लॉट बुक होंगे, उपलब्धता कम होती जाएगी। इसलिए जो श्रद्धालु शीघ्र दर्शन करना चाहते हैं, उन्हें समय रहते ऑनलाइन बुकिंग कराने की सलाह दी गई है।
17 अगस्त को एक साथ कई धार्मिक अवसर होने के कारण उज्जैन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। एक तरफ नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलेंगे, तो दूसरी तरफ श्रावण के तीसरे सोमवार पर बाबा महाकाल की भव्य सवारी भी निकलेगी।
ऐसे में मंदिर प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती होगी। ऑनलाइन स्लॉट व्यवस्था का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना और श्रद्धालुओं को तय समय पर शीघ्र दर्शन का अवसर देना है।
अगर आप भी नागचंद्रेश्वर मंदिर में शीघ्र दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो ऑनलाइन बुकिंग से पहले उपलब्ध स्लॉट और नियमों की जानकारी जरूर जांच लें। 300 रुपए में मिलने वाली शीघ्र दर्शन सुविधा के लिए बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी।
श्रावण के तीसरे सोमवार पर बाबा महाकाल की सवारी और नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने का यह संयोग उज्जैन को एक बार फिर आस्था के महासंगम में बदलने वाला है।






