विद्यालय बच्चों को शिक्षा देने का मंदिर माना जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश के सीधी जिले से सामने आई यह तस्वीर शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सिहावल जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम डिहुली नंबर-4 स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक के शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का मामला चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल पर न केवल नशे की हालत में स्कूल आने, बल्कि विद्यालय परिसर में ही शराब पीने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से फैल गया और जांच के लिए मीडिया टीम भी मौके पर पहुंची। जब टीम स्कूल पहुंची तो शिक्षक एक कमरे में लेटे हुए मिले। पूछताछ के दौरान उन्होंने शराब पीने से साफ इनकार किया और दावा किया कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था।
हालांकि, कुछ ही देर बाद जब शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए ब्लैकबोर्ड के पास पहुंचे तो उनकी चाल लड़खड़ाती नजर आई। इतना ही नहीं, उन्होंने जिला कलेक्टर विकास मिश्रा का नाम भी गलत लिख दिया और “मनीष मिश्रा” लिख बैठे। इस पूरे घटनाक्रम ने उनके दावों पर सवाल खड़े कर दिए।
मामले को और दिलचस्प तब बना दिया जब शिक्षक ने यह कहकर सफाई दी कि डॉक्टर ने उन्हें शराब पीने की सलाह दी थी। लेकिन संबंधित डॉक्टर ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि उन्होंने ऐसी कोई सलाह कभी नहीं दी। डॉक्टर के इनकार के बाद शिक्षक की सफाई भी कटघरे में आ गई।
अब इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और ग्रामीणों के साथ-साथ अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों की मांग है कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोषी पाए जाने पर शिक्षक के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।







