गुजरात के मुंद्रा स्थित अदानी पोर्ट्स पर भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ सुरक्षित पहुंच गया है। यह विशाल टैंकर संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह से निकलकर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करते हुए भारत आया। जहाज पर करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा हुआ है, जो देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं में से एक है, जहां रोजाना लगभग 5.5 से 5.6 मिलियन बैरल, यानी करीब 90 करोड़ लीटर तेल की खपत होती है। ऐसे में इस तरह की आपूर्ति न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करती है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की सक्रिय भागीदारी को भी दर्शाती है।
लगातार पहुंच रहे ऊर्जा जहाज: LPG सप्लाई से मजबूत हो रहा घरेलू नेटवर्क
कच्चे तेल के साथ-साथ एलपीजी की आपूर्ति भी तेज़ी से जारी है। इससे पहले मंगलवार को ‘नंदा देवी’ नामक भारतीय जहाज गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा, जिसमें लगभग 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई।
इसके अलावा, सोमवार को ‘शिवालिक’ जहाज मुंद्रा पोर्ट पर एलपीजी लेकर पहुंचा था। इस जहाज में करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG मौजूद है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है। यह आपूर्ति देश के लाखों घरों तक रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
लगातार हो रही इन ऊर्जा आपूर्तियों से साफ है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए समुद्री मार्गों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूती से साध रहा है, जिससे देश की आर्थिक गतिविधियों को भी स्थिरता मिल रही है।







