अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के संभावित चीन दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प की यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल इतने सख्त होंगे कि चीन में उनके आसपास की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। यहां तक कि दौरे से पहले आसपास के मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों और संदिग्ध इलाकों की भी जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह के खतरे को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रम्प जहां भी जाएंगे वहां एयरफोर्स-1 हर समय टेकऑफ के लिए तैयार रहेगा। रनवे पर विमान की स्थायी तैनाती इस बात का संकेत है कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां किसी भी इमरजेंसी रिस्पॉन्स में एक सेकंड की भी देरी नहीं चाहतीं। ट्रम्प के काफिले के लिए अलग ट्रैफिक कॉरिडोर, हाई-टेक सर्विलांस और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम भी तैयार किए जा रहे हैं।
‘अपना मल-मूत्र तक वापस ले जाएंगे’ क्यों चर्चा में है यह प्रोटोकॉल
दुनिया के सबसे हाई-प्रोफाइल सुरक्षा इंतजामों में गिना जाता है अमेरिकी राष्ट्रपति प्रोटोकॉल
अमेरिकी राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति के विदेशी दौरों के दौरान एक बेहद गोपनीय नियम भी चर्चा में रहता है उनके इस्तेमाल की हर निजी चीज को वापस अमेरिका ले जाया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें मेडिकल वेस्ट से लेकर मल-मूत्र तक शामिल हो सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा किसी भी तरह की बायोलॉजिकल या इंटेलिजेंस लीक रोकने के लिए किया जाता है।
ट्रम्प के चीन दौरे को लेकर इसलिए भी उत्सुकता बढ़ गई है क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी और वैश्विक राजनीति को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। ऐसे में यह दौरा केवल एक राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि दुनिया की दो महाशक्तियों के बीच शक्ति प्रदर्शन और रणनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।







