इंदौर के चर्चित कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में अब एक नया मोड़ सामने आया है। शिलॉन्ग से लौटे राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने ऐसा दावा किया है, जिसने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। विपिन का कहना है कि जिस गेस्ट हाउस में सरेंडर से पहले सोनम रघुवंशी ठहरी थी, वहां वह अकेली नहीं थी, बल्कि उसका पूरा परिवार भी चार से पांच दिनों तक रुका था।
विपिन रघुवंशी ने शिलॉन्ग पुलिस से मांग की है कि गेस्ट हाउस के रजिस्टर और वहां जमा कराई गई पहचान संबंधी दस्तावेजों की गहराई से जांच की जाए। उनका आरोप है कि गेस्ट हाउस में फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया गया था, जिससे कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि अगर रजिस्टर और आईडी की जांच निष्पक्ष तरीके से होती है, तो मामले से जुड़े कई नए राज सामने आ सकते हैं।
दूसरी ओर, सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद रघुवंशी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और अफवाह बताया है। उनका कहना है कि परिवार को बदनाम करने के लिए इस तरह की बातें फैलाई जा रही हैं और उनका इन दावों से कोई लेना-देना नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, विपिन रघुवंशी को शिलॉन्ग कोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। कोर्ट में उनसे राजा रघुवंशी की ज्वेलरी और उससे जुड़े कुछ अहम पहलुओं पर सवाल किए गए। पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत में विपिन ने कई नए दावे किए, जिनकी अब जांच एजेंसियां भी पड़ताल कर सकती हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गेस्ट हाउस के रिकॉर्ड इस मामले में कोई नया सच उजागर करेंगे, या फिर यह दावा भी जांच में गलत साबित होगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।







