नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने रत्न एवं आभूषण क्षेत्र में बड़ा नीति बदलाव करते हुए सोना, चांदी और प्लैटिनम के आभूषणों के आयात पर कड़ी पाबंदी लगा दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, इन कीमती धातुओं से बने आभूषणों को ‘मुक्त’ श्रेणी से हटाकर ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में डाल दिया गया है। अब कोई भी व्यापारी बिना सरकारी अनुमति या विशेष लाइसेंस के इनका आयात नहीं कर सकेगा।
नए नियम के तहत पहले से किए गए सौदे, एडवांस भुगतान या कॉन्ट्रैक्ट भी इस दायरे में आएंगे। यानी सभी आयातकों को अब नई व्यवस्था के अनुसार लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है, जहां कुछ कारोबारी कम शुल्क का लाभ लेकर थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों से आभूषण के नाम पर कीमती धातुओं का आयात कर रहे थे।
घरेलू उद्योग को मिलेगा बढ़ावा, कीमतों में हो सकती है हलचल
इस फैसले से घरेलू ज्वैलरी उद्योग को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से असमान प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा था। हालांकि, सरकार ने 100% निर्यात-उन्मुख इकाइयों (EOU) और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) को इस प्रतिबंध से छूट दी है, ताकि निर्यात पर असर न पड़े।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस निर्णय का अल्पकालिक असर सोने-चांदी की कीमतों पर दिख सकता है, जिसमें कुछ उतार-चढ़ाव संभव है। लेकिन दीर्घकाल में यह कदम स्थानीय व्यापार को मजबूती देगा। मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष निर्मल वर्मा घुँघरू का कहना है कि यह फैसला व्यापारियों के हित में है, लेकिन लाइसेंस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना भी उतना ही जरूरी है, ताकि ईमानदार कारोबारियों को परेशानी न हो।







