अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब मध्य प्रदेश की आम जनता की जेब पर साफ दिखने लगा है। एलपीजी की कमी और पीएनजी की बढ़ती दरों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। प्रदेश के कई शहरों में खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं, जिससे आम आदमी का दैनिक खर्च बढ़ गया है।
इंदौर और जबलपुर में नाश्ते की लोकप्रिय चीजों के दाम बढ़ गए हैं, वहीं ग्वालियर और रीवा में ड्राई फ्रूट्स और पीने के पानी तक महंगे हो चुके हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब और जीवनशैली पर पड़ रहा है।
स्ट्रीट फूड से लेकर होटल तक बढ़ी कीमतें, ग्राहकों की संख्या घटी
56 दुकान और सराफा बाजार जैसे मशहूर फूड हब भी महंगाई से अछूते नहीं रहे। यहां पोहा, चाय, समोसा, कचौरी और चाइनीज फूड के दाम ₹1 से ₹10 तक बढ़ा दिए गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण कीमतें बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है।
वहीं भोपाल में बिरयानी और वेज बिरयानी के दामों में भी इजाफा देखा गया है। बढ़ी कीमतों का असर अब साफ दिखने लगा है—फूड स्टॉल और होटलों पर ग्राहकों की संख्या घट रही है।
व्यापारियों के अनुसार, गैस और कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। ऐसे में आम जनता और व्यापारियों दोनों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है।







