होर्मुज में तनाव के बीच चीनी टैंकर की एंट्री, अमेरिकी नाकाबंदी को मिली चुनौती
फारस की खाड़ी से जुड़ा होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। अमेरिकी सैन्य नाकाबंदी के बीच ‘रिच स्टार्री’ नाम का एक चीनी टैंकर इस संवेदनशील मार्ग को पार कर बाहर निकल गया है। शिपिंग डेटा के अनुसार, नाकाबंदी लागू होने के बाद यह पहला जहाज है जिसने इस रास्ते से सफलतापूर्वक गुजरने में कामयाबी हासिल की है।
बताया जा रहा है कि इस टैंकर पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं। जहाज में लगभग 2.5 लाख बैरल मेथनॉल लदा था, जिसे संयुक्त अरब अमीरात के हमरिया पोर्ट से लोड किया गया था। इस घटना ने न केवल अमेरिकी नाकाबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को भी उजागर कर दिया है।
ईरान-अमेरिका वार्ता विफल, सैन्य दबाव और बढ़ा
इसी बीच, एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में पाकिस्तान में हुई वार्ता बेनतीजा रही। ईरान ने पांच साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन अमेरिका बीस साल की शर्त पर अड़ा रहा। इस बड़े मतभेद के कारण दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसके तुरंत बाद अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों की सैन्य नाकाबंदी तेज कर दी। अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि ईरान से जुड़े जहाजों की आवाजाही पर सख्ती बरती जाएगी, जबकि अन्य देशों के जहाजों को सीमित अनुमति दी जा सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।







