छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित Vedanta Limited के पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। मंगलवार दोपहर हुए इस हादसे में अब तक 17 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 4 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।
मृतकों में ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत लाल पटेल (50) और उत्तर प्रदेश के बृजेश कुमार की पहचान हो पाई है, जबकि बाकी शवों की शिनाख्त जारी है। हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे, जिनमें से 18 का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
घटना के बाद प्लांट परिसर के बाहर मजदूरों के परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रबंधन समय पर जानकारी देने में विफल रहा और कई मजदूर अब भी लापता हैं।
जांच के आदेश, मुआवजे का ऐलान और बढ़ता आक्रोश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सक्ती के कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन अब ब्लास्ट के कारणों और सुरक्षा में हुई चूक की जांच करेगा।
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा Prime Minister’s National Relief Fund से भी मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया गया है।
हालांकि, मुआवजे की घोषणाओं के बावजूद परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







