मध्य प्रदेश का एक हाईप्रोफाइल मामला इन दिनों सत्ता, प्रशासन और राजस्व विभाग के गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। आरोप इतने गंभीर हैं कि मंत्रालय से लेकर कलेक्टोरेट तक हर जगह इसी केस की गूंज सुनाई दे रही है। कटघरे में एक प्रभावशाली डिप्टी कलेक्टर हैं, जबकि आरोप लगाने वाली राजस्व विभाग में पदस्थ एक महिला पटवारी है।
महिला ने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर दुष्कर्म, धमकी, ब्लैकमेल और मानसिक प्रताड़ना जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।
इसी कहानी का एक और पहलू बड़वानी से जुड़ता है, जहां नीलेश (परिवर्तित नाम) अपनी शादी की तैयारियों में व्यस्त था। परिवार में खुशियों का माहौल था और जिस युवती अनीता (परिवर्तित नाम) से उसका रिश्ता तय हुआ था, वह सरकारी नौकरी में कार्यरत थी। दोनों अपने भविष्य के सपने संजो रहे थे, लेकिन तभी एक अनजान फोन कॉल ने सब कुछ बदल दिया।
फोन करने वाले ने खुद को एक वरिष्ठ अधिकारी बताया और नीलेश को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि वह उस युवती से दूरी बना ले, जिससे उसकी शादी तय हुई है। शुरुआत में उसने इसे मजाक समझा, लेकिन कुछ ही देर बाद दोबारा कॉल आया। इस बार आवाज में दबाव था, शब्दों में धमकी थी और लहजा पहले से कहीं ज्यादा सख्त। यही वह पल था, जहां से इस हाईप्रोफाइल विवाद की परतें खुलनी शुरू हुईं और मामला प्रशासनिक तंत्र के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो गया।







