उज्जैन के शांति पैलेस चौराहे पर चल रहा पुल निर्माण शनिवार दोपहर अचानक मातम में बदल गया। इंदौर–उज्जैन फोरलेन को सिक्सलेन में तब्दील करने के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में झारखंड निवासी मजदूर अशोक की मौके पर ही जान चली गई।
दोपहर करीब 1.30 बजे अशोक पुल के पिलर पर लोहे का जाल बिछा रहा था। उसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह सरियों के बीच बुरी तरह फंस गया। पिलर पर मौजूद चार से पांच मजदूर कुछ समझ पाते, उससे पहले ही अशोक लोहे के जाल में दब चुका था। अचानक मची चीख-पुकार और अफरा-तफरी ने पूरे निर्माण स्थल को हिला दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। गैस कटर की मदद से सरियों को काटकर अशोक को बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नीलगंगा थाना प्रभारी टी. तरुण कुरिल ने बताया कि हादसा पुल निर्माण के दौरान हुआ है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। सवाल यह है कि क्या निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतज़ाम नाकाफी थे या फिर यह हादसा सिस्टम की लापरवाही की एक और कीमत है?







