राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में समीकरणों की नई तस्वीर पेश कर दी है। देश के 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई, जिसमें NDA ने सबसे मजबूत प्रदर्शन करते हुए 19 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं इंडिया ब्लॉक को 6 सीटें मिलीं और मिजोरम की एक सीट क्षेत्रीय दल के खाते में गई।
लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा झारखंड के नतीजों की हो रही है। यहां राज्यसभा की दो सीटों के लिए मुकाबला था, जहां भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और उद्योगपति परिमल नाथवानी ने जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। दूसरी सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम विजयी रहे।
झारखंड में कांग्रेस की हार के पीछे क्रॉस वोटिंग को बड़ी वजह माना जा रहा है। चुनाव के दौरान तीन वोट अवैध भी घोषित हुए, जिसने मुकाबले का पूरा गणित बदल दिया। नतीजों के बाद कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों पर ही सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि आरजेडी और वाम दलों ने अपेक्षित समर्थन नहीं दिया, जिससे उम्मीदवार को नुकसान उठाना पड़ा।
उधर मिजोरम से भी दिलचस्प परिणाम सामने आया। यहां जोराम पीपुल्स मूवमेंट यानी ZPM के उम्मीदवार के. लल्टलुआंगकिमा ने जीत दर्ज कर क्षेत्रीय राजनीति की ताकत दिखा दी।
इन चुनावों के बाद राज्यसभा में NDA की स्थिति और मजबूत होती दिखाई दे रही है। वहीं विपक्षी गठबंधन के भीतर समन्वय और एकजुटता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। झारखंड की क्रॉस वोटिंग ने यह साफ कर दिया है कि विधानसभा के आंकड़े हमेशा चुनावी नतीजों की गारंटी नहीं होते।
फिलहाल राज्यसभा चुनाव के ये परिणाम सिर्फ सीटों की जीत-हार नहीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों और गठबंधनों की दिशा तय करने वाले संकेत भी माने जा रहे हैं।







