मध्य प्रदेश में अब खुले बोरवेल छोड़ना किसी बड़ी मुसीबत को न्योता देने जैसा माना जाएगा। सरकार ने नई बोरवेल नीति लागू करते हुए साफ कर दिया है कि बिना अनुमति बोरवेल खोदना और उसे खुला छोड़ना गंभीर अपराध होगा।
नई व्यवस्था के तहत हर नए बोरवेल का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रहेगा। सूखे या अनुपयोगी बोरवेल को तय समय सीमा में बंद करना होगा। नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर जेल भी भेजा जा सकता है।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि किसी हादसे की स्थिति में चलाए जाने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन का पूरा खर्च जमीन मालिक और ड्रिलिंग एजेंसी से वसूला जाएगा। साथ ही अधिकारियों के लिए भी कार्रवाई की समय सीमा तय की गई है।
सरकार का दावा है कि यह कदम बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ भविष्य में होने वाले दर्दनाक बोरवेल हादसों को रोकने में मदद करेगा।







