पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान जारी है और दोपहर 1 बजे तक 61.11% वोटिंग दर्ज की गई है। कई इलाकों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, लेकिन इसके साथ ही चुनावी माहौल तनावपूर्ण भी बना हुआ है। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से मारपीट, लाठीचार्ज, नारेबाजी और ईवीएम से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की खबरें सामने आई हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।
ईवीएम विवाद और हिंसा के आरोपों से गरमाया चुनावी माहौल
भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि डायमंड हार्बर के फालता क्षेत्र में ईवीएम के अंदर भाजपा के बटन पर टेप लगाया गया था। इस पर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जहां भी ऐसी शिकायतें सही पाई जाएंगी, वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा।
वहीं भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी को उस समय विरोध का सामना करना पड़ा जब वे एक पोलिंग बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने उन्हें घेरकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए।
साउथ 24 परगना में भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार ने भी टीएमसी कार्यकर्ताओं पर उनकी गाड़ी का शीशा तोड़ने का आरोप लगाया है। इसके अलावा पानीहाटी में एक बूथ पर ईवीएम के भाजपा बटन पर स्याही के दाग की शिकायत सामने आई, जिसे बाद में सैनिटाइजर से साफ किया गया।
पानीहाटी से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने भी आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने ‘गो बैक’ के नारे लगाते हुए उन पर हमला किया। इन घटनाओं के बीच चुनाव आयोग की निगरानी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।







