मध्यप्रदेश में पशुपालन के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि सामने आई है। अब प्रदेश में गाय-भैंसों के लिए भी ‘टेस्टट्यूब बेबी’ तकनीक यानी भ्रूण प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो गई है। इसका पहला सफल प्रयोग उज्जैन की कपिला गोशाला में देखने को मिला, जहां एक सामान्य देशी गाय ने उन्नत साहीवाल नस्ल की स्वस्थ बछिया को जन्म दिया।
यह पूरी प्रक्रिया अगस्त 2025 में शुरू हुई थी। मप्र राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम भोपाल की विशेषज्ञ टीम ने लैब में उच्च नस्ल की गाय का भ्रूण तैयार किया और उसे गोशाला में चयनित गायों में प्रत्यारोपित किया। उज्जैन और ग्वालियर की 10-10 गायों को विशेष निगरानी और संतुलित आहार के साथ तैयार किया गया था। उज्जैन में एक गाय पर यह प्रयोग सफल रहा, जबकि ग्वालियर में भी तीन गायों में सकारात्मक परिणाम मिले हैं।
लावारिस गायें बनेंगी ‘सरोगेट मदर’
प्रदेश में नस्ल सुधार की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक प्रदेश में पशुधन सुधार के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। खास बात यह है कि अब निराश्रित और लावारिस गायों को भी ‘सरोगेट मदर’ बनाकर उन्नत नस्ल तैयार की जा सकेगी। इससे एक ओर बेहतर दुग्ध उत्पादन वाली नस्लों का विस्तार होगा, वहीं गोशालाओं में रह रही बेसहारा गायों का उपयोग भी सकारात्मक तरीके से हो सकेगा।
2 मई 2026 को जन्मी साहीवाल नस्ल की यह बछिया पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है। पशुपालन विभाग का कहना है कि आने वाले समय में इस तकनीक का विस्तार प्रदेश के अन्य जिलों में भी किया जाएगा, ताकि किसानों को बेहतर नस्ल की गायें उपलब्ध हो सकें और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो।







