इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने समाज में छिपे हुए दरिंदों की मानसिकता को फिर से बेनकाब कर दिया है। रिश्तों की आड़ में भरोसा जीतने वाले कुछ लोग किस हद तक गिर सकते हैं, इसका शर्मनाक उदाहरण मोहित चौहान ने पेश किया है।
मंगलवार को एक 20 वर्षीय छात्रा ने अपनी बड़ी बहन के दोस्त मोहित चौहान के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट का मामला दर्ज कराया। आरोप है कि मोहित नशे में धुत होकर छात्राओं के कमरे पर पहुंचा और वहां पहुंचते ही उसने अपनी हैवानियत दिखानी शुरू कर दी।
पीड़िता, जो एक निजी कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रही है, ने पुलिस को बताया कि मोहित उसकी बड़ी बहन का दोस्त है और अक्सर घर आता-जाता था। लेकिन इस बार वह दोस्त बनकर नहीं, बल्कि एक बदतमीज़ और दरिंदे की तरह आया। नशे में चूर होकर उसने पहले छात्रा के साथ अश्लील हरकत की और माहौल बिगाड़ दिया।
इतना ही नहीं, जब विरोध हुआ तो वह बेशर्मी की सारी हदें पार करता हुआ बड़ी बहन को जबरन अपने साथ ले गया और बाद में उसके साथ मारपीट भी की।
पुलिस ने छात्रा की शिकायत के आधार पर मोहित चौहान निवासी स्वास्थ्य नगर के खिलाफ हीरानगर थाने में छेड़छाड़ सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।
अब सवाल यह है कि आखिर कब तक दोस्ती और पहचान की आड़ में ऐसे लोग बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते रहेंगे? और कब तक समाज ऐसे जहरीले किरदारों को पहचानने में देर करता रहेगा?
इंदौर में एक बार फिर यह साबित हो गया कि खतरा हमेशा बाहर से नहीं आता, कई बार वह उन्हीं लोगों के चेहरे पर छिपा होता है जिन्हें परिवार भरोसे से घर के अंदर आने देता है। हीरानगर इलाके में रहने वाली बीएससी की छात्रा ने अपनी बड़ी बहन के दोस्त मोहित चौहान के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि मोहित नशे में उसके कमरे तक पहुंच गया और वहां पहुंचते ही उसने शर्मनाक हरकतें शुरू कर दीं।
जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने माहौल को और बिगाड़ दिया। उसने जबरदस्ती बड़ी बहन को अपने साथ ले जाने की कोशिश की और बाद में उसके साथ मारपीट भी की। यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जिसमें कुछ लोग रिश्तों का फायदा उठाकर महिलाओं को कमजोर समझ लेते हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ गई है क्या समाज अब भी ऐसे लोगों को “दोस्त” कहकर घरों में आने देगा, या समय रहते उनकी असली पहचान समझेगा?







