जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब पूरे उत्तर और मध्य भारत में साफ दिखने लगा है। पहाड़ों से उतरती बर्फीली हवाओं ने मैदानी राज्यों को कंपा दिया है। मध्य प्रदेश और राजस्थान शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में सर्दी पहाड़ी इलाकों जैसी महसूस की जा रही है।
मध्य प्रदेश में सोमवार की सुबह इस सर्दी के मौसम की अब तक की सबसे घनी धुंध लेकर आई। राजधानी भोपाल में हालात इतने खराब रहे कि विजिबिलिटी 20 मीटर से भी नीचे गिर गई। कोहरे और ठंड को देखते हुए राज्य के 18 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं भोपाल और धार में बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों का समय बदलकर सुबह 9:30 बजे कर दिया गया है।
राजस्थान में ठंड ने नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। रविवार को राज्य में सीजन का सबसे सर्द दिन और सबसे सर्द रात दर्ज की गई। माउंट आबू में लगातार तीसरे दिन तापमान शून्य डिग्री पर अटका रहा। प्रदेश के सात शहरों में रात का पारा 5 डिग्री से नीचे चला गया। मौसम विभाग का कहना है कि अभी राहत की उम्मीद नहीं है आने वाले एक हफ्ते तक कड़ाके की सर्दी बनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश में हालात और भी सख्त हैं। यहां सुबह-सुबह पहाड़ों जैसी कंपा देने वाली ठंड महसूस की गई। झांसी, गोरखपुर समेत करीब 50 जिले घने कोहरे में लिपटे रहे, जहां विजिबिलिटी सिमटकर सिर्फ 10 मीटर तक रह गई। लखनऊ, भदोही, बलिया, संभल और गाजीपुर सहित 10 शहरों में बादलों की चादर तनी रही। ऊपर से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी।
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सवाल यही है क्या यह ठंड अभी और रुलाएगी, या जल्द मिलेगी राहत? फिलहाल तो पूरा उत्तर भारत बर्फीली सांसों के बीच जकड़ा हुआ नजर आ रहा है।







