चारधाम यात्रा इस बार सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि चिंता का भी बड़ा विषय बनती जा रही है। यात्रा शुरू होने के महज 39 दिनों के भीतर 105 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ धाम में दर्ज हुई हैं, जहां हाई एल्टीट्यूड और ऑक्सीजन की कमी श्रद्धालुओं पर भारी पड़ रही है।
बीते 14 दिनों में मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ज्यादातर यात्रियों की जान हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस की वजह से गई। गर्मी बढ़ने के साथ शरीर पर पड़ने वाला दबाव भी तीर्थयात्रियों के लिए खतरा बनता जा रहा है।
सरकार लगातार बेहतर मेडिकल सुविधाओं और हेल्थ कैंप का दावा कर रही है, लेकिन बढ़ती मौतें यह संकेत दे रही हैं कि सिर्फ व्यवस्थाएं काफी नहीं हैं। यात्रा पर निकलने से पहले स्वास्थ्य जांच, फिटनेस और सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है।
अब तक 23 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं, जबकि रजिस्ट्रेशन 42 लाख पार कर चुके हैं। आस्था का यह महायात्रा मार्ग अब श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य परीक्षा भी बनता जा रहा है।







