मध्यप्रदेश के इंदौर में MBA की छात्रा की नृशंस हत्या के मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हत्याकांड ने न सिर्फ शहर को झकझोर दिया है, बल्कि रिश्तों में पनपते शक और आर्थिक नियंत्रण की खतरनाक परतों को भी उजागर कर दिया है। आरोपी पीयूष धामनोतिया से पुलिस की लगातार पूछताछ के बीच मृतका की छोटी बहन ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन्होंने मामले को और भी पेचीदा बना दिया है।
छोटी बहन के मुताबिक, आरोपी पीयूष छात्रा का ई-वॉलेट खुद संचालित करता था। वह कई बार उससे पैसे ले चुका था। आर्थिक लेन-देन को लेकर दोनों के बीच तनाव भी बढ़ा था। बहन का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों से परेशान होकर छात्रा को अपना पासवर्ड बदलना पड़ा था। पासवर्ड बदलने के बाद भी पीयूष ने 1800 रुपए लिए थे, जो छोटी बहन ने दिए थे।
इतना ही नहीं, एक माह पहले आरोपी ने गुस्से में छात्रा का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था। बहन का आरोप है कि मोबाइल सुधारने के बहाने वह छात्रा को अपने साथ ले गया था, और बाद में मोबाइल के खर्च के पैसे भी बहन ने ही दिए थे।
मामले की जांच कर रही द्वारकापुरी पुलिस इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से खंगाल रही है।
छोटी बहन ने यह भी खुलासा किया है कि जिस मोबाइल एप को लेकर पीयूष ने छात्रा से झगड़ा किया था, वह एप उसने खुद अपलोड किया था। उसी एप के जरिए वह अपनी सहेलियों से बात करती थी। बहन के अनुसार, उसने यह बात पीयूष को पहले ही बता दी थी, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। वह लगातार छात्रा पर शक करता रहता था।
पुलिस के सामने पीयूष ने जिन दो लड़कों के नाम लिए हैं, उन्हें बहन ने सामान्य दोस्त बताया है। उसका कहना है कि उन दोनों का छात्रा से कोई संबंध नहीं था, लेकिन पीयूष इसी बात को लेकर बार-बार विवाद करता था।
छोटी बहन ने यह भी बताया कि उसने अपनी दीदी को समझाया था कि वह पीयूष का साथ छोड़ दे, क्योंकि वह सही लड़का नहीं है। मोबाइल तोड़ने की घटना के बाद छात्रा ने उससे बात करना बंद कर दिया था। यही बात आरोपी को नागवार गुजर रही थी।
बहन के मुताबिक, पीयूष अक्सर कहता था कि वह उसे “ऐसे नहीं भूलने देगा।” यही जुनूनी सोच धीरे-धीरे एक खतरनाक रूप लेती गई।
अब सवाल यह है कि क्या यह हत्या केवल शक और अहंकार का परिणाम थी, या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश छिपी है? पुलिस की जांच जारी है, लेकिन हर नए खुलासे के साथ यह मामला और भी रहस्यमय होता जा रहा है।







