मध्य प्रदेश में प्री-मानसून ने दस्तक के साथ अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार दोपहर जबलपुर और सीहोर में हुई बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया, जबकि प्रदेश के 35 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, शाजापुर, रतलाम समेत मालवा-निमाड़ और मध्य क्षेत्र के कई जिलों में बादलों की सक्रियता बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हुई हैं।
उधर, देश में केरल के रास्ते प्रवेश करने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा तक पहुंच चुका है तथा जल्द ही महाराष्ट्र में प्रवेश कर सकता है। इसी रफ्तार को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार मानसून मध्य प्रदेश में तय समय से पहले, यानी 20 जून से पहले दस्तक दे सकता है।
हालांकि मौसम का यह बदलाव राहत के साथ चुनौती भी लेकर आया है। एक तरफ कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है, तो दूसरी ओर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में 9 और 10 जून को हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है। यानी मध्य प्रदेश के लोगों को अगले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी और भीषण गर्मी तीनों का सामना करना पड़ सकता है।







