प्रदेशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई जिलों में बारिश राहत के साथ आफत भी लेकर आई है। गुरुवार को मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई तेज बारिश के दौरान सतना और झाबुआ में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं कई इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
भोपाल में दिनभर रुक-रुक कर झमाझम बारिश हुई, जबकि दमोह में हालात बाढ़ जैसे बन गए। कई सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। झाबुआ के एक गर्ल्स स्कूल परिसर में भारी बारिश के दौरान पेड़ गिरने से दो युवतियां उसके नीचे दब गईं। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
खरगोन के कसरावद में करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश से सड़कें और खेत पानी में डूब गए। हरदा में काले बादलों के बीच तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। शुजालपुर में दिन के समय ही ऐसा अंधेरा छा गया कि वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। वहीं शाजापुर के अकोदिया में लंबे इंतजार के बाद हुई अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और खरीफ फसलों की बुवाई ने रफ्तार पकड़ ली है।
मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, पांढुर्णा, सीहोर, रतलाम, ग्वालियर, रीवा, दमोह, सतना, खरगोन, हरदा और शाजापुर सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 24 जून को प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून केवल 9 दिनों में पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर चुका है।
फिलहाल मौसम विभाग ने प्रदेश के 6 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। आने वाले 24 घंटे कई जिलों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।







