मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले में एक बेवा महिला के साथ हुई हैवानियत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। गैंगरेप, डकैती और अमानवीय अत्याचार के विरोध में रविवार को बोरी गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। ग्रामीणों और युवाओं ने बाइक रैली निकालकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की। प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, बोरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात 8 से 10 हथियारबंद बदमाश एक महिला के घर में घुस गए। आरोप है कि बदमाशों ने पहले डकैती की, फिर महिला को बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए महिला को गंभीर शारीरिक चोटें भी पहुंचाईं। गंभीर हालत में पीड़िता को पहले जिला अस्पताल और बाद में इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के विरोध में रविवार को बोरी गांव पूरी तरह बंद रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा बाइक रैली निकालकर सड़कों पर उतरे। लोगों ने “पीड़िता को न्याय दो” और “दोषियों को गिरफ्तार करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस ने भी मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित कर दी है। अब पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस इस जघन्य वारदात के आरोपियों तक कितनी जल्दी पहुंचती है और पीड़िता को न्याय कब मिलता है।
आलीराजपुर की इस घटना ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब हर किसी की मांग है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।






