देशभर में मानसून का असर अलग-अलग राज्यों में अलग तस्वीर दिखा रहा है। कहीं मूसलाधार बारिश राहत बन रही है तो कहीं यही बारिश आफत बनकर लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों से सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है।
सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तराखंड है, जहां लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा गिरने के चलते दो राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 126 सड़कें बंद हो गई हैं। ऋषिकेश-यमुनोत्री हाईवे लगातार तीसरे दिन भी बंद है, जबकि तवाघाट-गुंजी हाईवे पर भी आवाजाही पूरी तरह ठप है। सड़कें बंद होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
वहीं हरियाणा में हिमाचल प्रदेश से छोड़े गए पानी के कारण यमुना और मारकंडा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी बेहद दुखद खबर सामने आई है। यमुना नदी में नहाने गए चार बच्चे तेज बहाव में बह गए। देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान दो बच्चों के शव बरामद कर लिए गए, जबकि बाकी बच्चों की तलाश जारी रही। इस घटना ने एक बार फिर नदी किनारे लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले छह से सात दिनों तक उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, नदी-नालों से दूर रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है।
फिलहाल पूरे देश की नजर मौसम के बदलते मिजाज पर है, क्योंकि आने वाले कुछ दिन कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।







