दतिया विधानसभा उपचुनाव अब पूरी तरह हाई-प्रोफाइल मुकाबले में बदल चुका है। आज नामांकन के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों अपनी पूरी राजनीतिक ताकत दिखाने जा रही हैं। दोनों दलों ने इसे सिर्फ नामांकन नहीं, बल्कि चुनावी शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बना दिया है।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा समेत कई वरिष्ठ नेता दतिया में मौजूद रहेंगे। वहीं कांग्रेस भी किसी तरह पीछे नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित पार्टी के कई दिग्गज नेता अपने प्रत्याशी के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन करेंगे।
इस बीच भाजपा ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी है। इस सूची में मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और संगठन के कई बड़े नेताओं के साथ पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम भी शामिल है। हालांकि सोशल मीडिया पर एक अलग सूची वायरल हो रही है, जिसमें उनके नाम को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा ने आधिकारिक सूची के जरिए इस स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दतिया उपचुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि इसे दोनों दल अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश की लगभग पूरी सियासी नेतृत्व टीम मैदान में उतर चुकी है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि नामांकन के दिन किस दल का शक्ति प्रदर्शन ज्यादा प्रभावी रहता है और यह राजनीतिक माहौल आने वाले चुनावी प्रचार को किस दिशा में ले जाता है। दतिया की यह जंग प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा करने वाली मानी जा रही है।







