कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर करीब 53 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट कर E20 पेट्रोल को लेकर सवाल खड़े किए। वीडियो में राहुल गांधी अपनी कार की पेट्रोल टंकी खोलते हुए दिखाई देते हैं। टंकी का ढक्कन उठाकर अंदर देखने के बाद उन्होंने E20 ईंधन को लेकर चिंता जताई।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि आमतौर पर हम कहते हैं कि दाल में कुछ काला है, लेकिन यहां तो पूरी दाल ही काली है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में करप्शन की लाइन लगी हुई है और E20 ईंधन का मामला भी उसी से जुड़ा हुआ है।
राहुल गांधी का दावा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से लोगों की कार और स्कूटर पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा प्रभाव आम लोगों की जिंदगी और उनकी जेब पर पड़ रहा है। राहुल के मुताबिक, अगर वाहन खराब होते हैं तो लोगों को मरम्मत और रखरखाव पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ता है।
राहुल गांधी के इस वीडियो के बाद E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। एक तरफ राहुल गांधी इसके इस्तेमाल से वाहनों को होने वाले संभावित नुकसान और लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का मुद्दा उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ E20 को लेकर देश में पहले से ही इसके फायदे और चुनौतियों पर चर्चा होती रही है।
राहुल गांधी ने अपने वीडियो के जरिए सरकार से सवाल करते हुए इसे आम जनता की जेब से जुड़ा मुद्दा बताया है। उनका कहना है कि ईंधन की वजह से अगर वाहन मालिकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है, तो इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
अब राहुल गांधी के इस बयान के बाद सवाल यही है कि E20 पेट्रोल को लेकर लगाए गए आरोपों पर सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से क्या जवाब आता है? आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस के साथ-साथ वाहन मालिकों के बीच भी चर्चा का बड़ा विषय बन सकता है।







