इंदौर के हीरानगर इलाके में होली के जश्न के बीच एक घटना ने सबको हिला कर रख दिया। करणी सेना के प्रदेश संगठन मंत्री मानसिंह राजावत ने एमआर-10 के इवेंट में प्रवेश करने आए क्रिश्चियन युवक शेल्बी फिलिप और उसके दोस्त अभित पर बेरहमी से हमला कर दिया।
शेल्बी ने बताया कि वह टिकट लेकर पहुंचे थे, लेकिन गेट पर ही राजावत ने उन्हें रोक लिया और उनकी पहचान पूछी। जैसे ही पता चला कि वह क्रिश्चियन हैं, उनके मोबाइल और आईडी-पासवर्ड जबरन छीन लिए गए। विरोध करने पर उन्हें अपशब्द कहे गए और मारपीट शुरू कर दी गई। इस जघन्य घटना में मौजूद दोस्तों ने बीच-बचाव किया, लेकिन हालत नियंत्रण से बाहर हो गई।
शेल्बी और उनके परिजन ने पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से शिकायत की। शिकायत मिलने के तुरंत बाद हीरानगर पुलिस ने रात में एफआईआर दर्ज कर करणी सेना के मंत्री मानसिंह राजावत के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
युवक ने बताया कि उनकी एक महिला दोस्त की तस्वीरें और वीडियो भी बिना अनुमति वायरल कर दिए गए। अब सवाल उठता है, क्या ऐसे लोग ही देश और समाज के “रक्षक” बन सकते हैं? इस मामले ने करणी सेना के तथाकथित अनुशासन और छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







