गुरुवार को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के पहले चरण में जबरदस्त मतदान ने नया इतिहास रच दिया। पश्चिम बंगाल की 294 में से 152 सीटों पर लगभग 89.93% मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा माना जा रहा है। वहीं तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर करीब 82.24% वोटिंग हुई, जिसने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिनमें युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल रहे। चुनाव आयोग के मुताबिक ये आंकड़े शाम 5 बजे तक के हैं और अंतिम प्रतिशत में बदलाव संभव है। चुनाव के बाद ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने SIR के खिलाफ खुलकर वोट किया है और यह भारी मतदान उसी का संकेत है।
पांच राज्यों में वोटिंग का उत्साह चरम पर, नतीजों पर टिकी नजरें
इससे पहले 9 अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में भी रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था। असम में 85.91% वोटिंग हुई, जो राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा है। पुडुचेरी में लगभग 90% और केरल में 1987 के बाद सबसे अधिक 78.27% मतदान हुआ।
पांचों राज्यों में मतदाताओं का यह अभूतपूर्व उत्साह चुनावी माहौल को और भी दिलचस्प बना रहा है। अब सभी की नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब इन राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे एक साथ घोषित किए जाएंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि रिकॉर्ड वोटिंग किस पार्टी के पक्ष में जाती है और किसकी सत्ता की राह आसान बनाती है।







