प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में चल रही हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने एक निजी कंपनी के कथित ड्रेस कोड को लेकर कड़ा बयान दिया। यह कथा 21 से 23 अप्रैल तक आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
पहले दिन मंगलवार को अपने प्रवचन के दौरान उन्होंने एक कंपनी का नाम लेते हुए कहा कि यदि किसी संस्था में तिलक, सिंदूर और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाई जाती है, तो यह उचित नहीं है। उन्होंने अपने संबोधन में तीखे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि जो लोग भारतीय परंपराओं और धार्मिक आस्थाओं से असहमत हैं, उन्हें देश में इस तरह की नीति लागू करने के बजाय अन्य स्थान चुनने चाहिए।
विवाद उस कथित रिपोर्ट से जुड़ा है जिसमें कहा गया है कि लेंसकार्ट कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें तिलक, सिंदूर और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक प्रतीकों को लेकर प्रतिबंध की बात सामने आई है। हालांकि इस दावे को लेकर कंपनी की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने की भी चर्चा है।
इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है, जहां लोग अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं। एक ओर कुछ लोग धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कॉर्पोरेट ड्रेस कोड और पेशेवर नियमों को लेकर भी चर्चा जारी है।







