रविवार की सुबह, जोश, उत्साह और तालियों की गूंज से भरा नेहरू स्टेडियम अचानक खामोशी में डूब गया। मैराथन अपने आख़िरी दौर में थी। धावक जीत के करीब थे, कैमरे फिनिश लाइन पर टिके थे… तभी एक ऐसा पल आया जिसने सबको झकझोर कर रख दिया।
फिनिश पॉइंट से महज़ 100 मीटर पहले 25 वर्षीय युवक आर्यन तोड़ी की चाल लड़खड़ाई। देखते ही देखते वह ज़मीन पर गिर पड़ा। पहले तो लोगों को लगा शायद थकान होगी, लेकिन कुछ ही सेकंड में हालात बदल गए। मैदान में अफरा-तफरी मच गई, आयोजक और मेडिकल टीम दौड़ पड़ी।
आर्यन को तुरंत सीपीआर दिया गया, मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। कुछ ही देर में युवक की मौत की पुष्टि कर दी गई। स्टेडियम में मौजूद हर चेहरा सन्न था जहां जीत का जश्न होना था, वहां शोक छा गया।
मृतक की पहचान आर्यन तोड़ी के रूप में हुई है, जो कोलकाता से इस मैराथन में भाग लेने इंदौर आया था। एक फिट, युवा धावक, सपनों और उम्मीदों से भरा… जो अपनी रेस पूरी करने से ठीक पहले जिंदगी की दौड़ हार गया।
फिलहाल प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और मैराथन के मेडिकल इंतज़ामों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल सिर्फ़ एक नहीं है क्या तैयारी पूरी थी, और क्या इस हादसे को टाला जा सकता था?
नेहरू स्टेडियम आज भी वहीं है, फिनिश लाइन भी वहीं है… बस कमी है तो उस युवक की, जो जीत से सिर्फ़ 100 मीटर दूर था।







