मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच मोहसिन रजेई ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान मौजूदा संघर्ष में पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक देश को हुए नुकसान की पूरी भरपाई नहीं की जाती, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। रजेई के अनुसार, ईरान की प्राथमिक शर्तें साफ हैं सभी आर्थिक प्रतिबंधों का पूर्ण रूप से हटाया जाना और अमेरिका की ओर से भविष्य में किसी भी प्रकार की दखलंदाजी न करने की ठोस और विश्वसनीय गारंटी।
टीवी पर दिए गए अपने बयान में रजेई ने यह भी दावा किया कि ईरानी सेना पूरी ताकत के साथ ऑपरेशन चला रही है और देश का नेतृत्व नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के नेतृत्व में स्थिति को मजबूती से संभाल रहा है।
जनता का दबाव और संसद का संदेश: ‘हमलावरों को मिले कड़ी सजा’
इस बीच, ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी देश की जनता की भावनाओं को सामने रखते हुए कहा कि लोग हमलावरों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इस जनभावना को गंभीरता से ले रही है और किसी भी तरह की नरमी की संभावना फिलहाल नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के इस सख्त रुख से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस टकराव को कम कर पाएंगे या स्थिति और गंभीर रूप लेगी।







