राजस्थान के दौसा जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। ऋषिकेश से इंदौर लौट रही हंस ट्रेवल्स की एक निजी बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बस आग की लपटों में घिर गई और यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।
इस भीषण हादसे में सात यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतकों में पांच यात्री इंदौर के बताए जा रहे हैं। इनमें से 8 लोगों की मौत आग में बुरी तरह झुलसने से हुई, जबकि 12 लोगों की हालत गंभीर, 4 लापता बताए जा रहे है जिन्हें दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दौसा अस्पताल के पीएमओ डॉ. आर. के. मीणा के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही कई यात्रियों की मौत हो चुकी थी। वहीं 13 घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। इनमें इंदौर, बड़वाह, डबरा, भिलसेड़ी और राजस्थान के सीकर के यात्री शामिल हैं, जिनका लगातार इलाज चल रहा है।
इसके अलावा चार यात्री अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए प्रशासन, पुलिस और राहत दल लगातार अभियान चला रहे हैं। मृतकों और लापता यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।
उधर, बस संचालक अरुण गुप्ता ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा है कि घटना बेहद दुखद है, लेकिन फिलहाल उनके पास मृतकों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि चलती बस में आग कैसे लगी? क्या यह तकनीकी खराबी थी या सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ी चूक? इन सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं, जबकि घायलों के बेहतर इलाज और पीड़ित परिवारों की हर संभव सहायता का भरोसा भी दिलाया गया है। इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां पल भर में छीन लीं और एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







