राजगढ़ की सड़कों पर इंसानियत का गला घोंट देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक बुजुर्ग ससुर अपने बीमार दामाद की जान बचाने के लिए दौड़ रहा था, लेकिन सड़क पर खड़े एक नशे में धुत चालक की हैवानियत ने उसकी जिंदगी ही छीन ली।
खुजनेर थाना क्षेत्र के ग्राम सिरंगी निवासी 60 वर्षीय भगवानसिंह अपने 45 वर्षीय दामाद मनोहरसिंह को सांस की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए राजस्थान के झालावाड़ ले जा रहे थे। राजगढ़ में राहत नहीं मिलने पर वे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना चाहते थे। लेकिन खिलचीपुर बस स्टैंड के पास ट्रैफिक जाम ने उनकी रफ्तार रोक दी।
दामाद की हालत बिगड़ रही थी। समय की हर सेकंड कीमत थी। ऐसे में भगवानसिंह कार से उतरे और खुद ही जाम हटवाने की कोशिश करने लगे। उन्हें क्या पता था कि मदद मांगने की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी। उसी जाम के बीच खड़ा था एक पिकअप चालक कैलाश तंवर। शराब के नशे में धुत। भगवानसिंह ने बस इतना कहा कि पिकअप थोड़ा पीछे कर लो, रास्ता खुल जाएगा। लेकिन इंसानियत की जगह नशे और गुंडागर्दी ने जवाब दिया।
कैलाश तंवर पिकअप से उतरा… और बिना कुछ सोचे समझे लोहे की राड उठाकर भगवानसिंह के सिर पर दे मारी। एक ऐसा वार, जिसने एक बुजुर्ग की जिंदगी की घड़ी रोक दी। सबसे दर्दनाक बात यह है कि भगवानसिंह ने उस चोट को भी छिपा लिया। सिर पर गमछा बांधा, किसी को कुछ नहीं बताया और दामाद को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए गाड़ी आगे बढ़ा दी।
करीब 50 किलोमीटर तक वह घायल हालत में सफर करते रहे। अकलेरा पहुंचते-पहुंचते उनकी हालत बिगड़ने लगी और सिर से खून बहने लगा। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां से झालावाड़ रेफर किया गया। लेकिन जब तक वे झालावाड़ पहुंचे… बहुत देर हो चुकी थी। अपने दामाद की जान बचाने की जिद में एक ससुर ने खुद की जान गंवा दी।
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस पिकअप चालक ने हमला किया, वही जाम का असली कारण भी था। उसने पहले हरिजन मोहल्ले के पास कई वाहनों को टक्कर मार दी थी, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी और जाम की स्थिति बन गई थी।घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में पूरी वारदात साफ दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी कैलाश तंवर को गिरफ्तार कर लिया।
लेकिन सवाल अब भी वहीं खड़ा है क्या हमारी सड़कों पर अब मदद मांगना भी गुनाह हो गया है? क्या शराब और सड़क की गुंडागर्दी इतनी बढ़ गई है कि एक बुजुर्ग की जिंदगी की कोई कीमत ही नहीं रही? राजगढ़ में इस घटना के बाद लोगों में जबरदस्त आक्रोश है… और लोग पूछ रहे हैं आखिर कब तक सड़क के ये शराबी दरिंदे मासूम लोगों की जान लेते रहेंगे?







