मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने 7 मई, गुरुवार को प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। पार्टी सात अलग-अलग स्थानों पर नेशनल हाईवे जाम कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराएगी। इस आंदोलन की कमान वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा संभालेंगे।
भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीसी शर्मा ने सरकार की खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि बार-बार खरीदी और स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाना इस बात का प्रमाण है कि सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा। शर्मा के मुताबिक, खरीदी के शुरुआती 14 दिनों में केवल 9.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसान स्लॉट बुकिंग, पंजीयन पर्ची अपलोड और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं से परेशान हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हक की लड़ाई है और सरकार को उसकी नीतियों पर पुनर्विचार करना होगा।
दूसरी ओर, प्रशासन ने भी इस प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। अनुमान है कि इस जाम से 11 जिलों में करीब 747 किलोमीटर क्षेत्र का यातायात प्रभावित हो सकता है। सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
अब देखना होगा कि यह आंदोलन सरकार पर कितना दबाव बनाता है और किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।







