बांग्लादेश से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। देश के पूर्व स्टार क्रिकेटर और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल-हसन के मगुरा स्थित घर पर देर रात हमला कर दिया गया। यह हमला उस समय हुआ जब शाकिब, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के कुछ ही घंटों बाद सुर्खियों में थे।
जानकारी के मुताबिक, रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच कुछ उपद्रवी शाकिब के घर के बाहर पहुंचे और पत्थरबाजी शुरू कर दी। हमलावरों ने घर की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और माहौल में दहशत फैलाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, आरोप है कि उपद्रवी कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में पेट्रोल भरकर लाए थे और घर में आग लगाने का भी प्रयास किया।
राहत की बात यह रही कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। इसलिए किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। बताया जा रहा है कि शाकिब अल-हसन इस समय श्रीलंका में हैं, जिसके कारण वे इस हमले से सुरक्षित हैं।
मगुरा सदर पुलिस के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शेख हसीना के कार्यक्रम में शाकिब की मौजूदगी से नाराज कट्टरपंथी समूहों ने इस हमले को अंजाम दिया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या बांग्लादेश में राजनीतिक मतभेद अब सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं? क्या एक पूर्व क्रिकेटर और पूर्व सांसद को अपनी राजनीतिक पहचान की कीमत चुकानी पड़ रही है? इन सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे, लेकिन फिलहाल इस घटना ने बांग्लादेश की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है।







