
इंदौर में चंद घंटों के भीतर करोड़ों की चोरी का पर्दाफाश कर संयोगितागंज पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी साबित की है। मामला 20 जनवरी 2026 का है, जब चिड़ियाघर के सामने कार पार्किंग से एक वरिष्ठ नागरिक के वाहन से कीमती सोने और डायमंड के जेवरात चोरी हो गए थे।
फरियादी नरेश जैन की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। चोरी गए माल की कीमत करीब 10 लाख 75 हजार रुपये बताई गई, जिससे मामला पुलिस के लिए बेहद संवेदनशील हो गया।
पुलिस आयुक्त एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक के.पी. सिंह यादव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस की निगाहें नवलखा क्षेत्र पर टिक गईं। यहां से संदेही नंद किशोर बाघ को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान जब उसकी तलाशी ली गई तो एक प्लास्टिक डिब्बी से चोरी का पूरा माल बरामद हुआ—करीब 53 ग्राम का सोने का ब्रेसलेट, एक डायमंड पेंडल, दो सोने की अंगूठियां और एक कीमती मोती।
सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
महज 24 घंटे के भीतर चोरी का खुलासा और पूरा माल बरामद कर लेना संयोगितागंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मजबूत पुलिसिंग का उदाहरण है। फिलहाल प्रकरण की विवेचना जारी है।
इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक के.पी. सिंह यादव, उपनिरीक्षक तुलसीराम रघुवंशी, प्रधान आरक्षक सचिन शर्मा, आरक्षक राघवेन्द्र, सैनिक श्यामू एवं क्राइम ब्रांच के आरक्षक मोहन की अहम भूमिका रही।








