अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष आज 27वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Caroline Leavitt ने साफ तौर पर कहा है कि राष्ट्रपति Donald Trump इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने पीछे हटने का फैसला नहीं किया, तो अमेरिका पहले से भी ज्यादा ताकत के साथ सैन्य कार्रवाई करेगा।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज हो सकता है। अमेरिका का रुख साफ है—या तो ईरान झुके, या फिर उसे और बड़े हमलों का सामना करना पड़े।
ईरान का सख्त रुख, शांति की उम्मीद कमजोर
दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने तेवर कड़े कर दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ईरान किसी भी हालत में ट्रम्प प्रशासन की शर्तों पर युद्ध खत्म नहीं करेगा।
अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल कोई ठोस बातचीत नहीं चल रही है। हालांकि कुछ देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरान इसे औपचारिक वार्ता की शुरुआत मानने को तैयार नहीं है।
मौजूदा हालात को देखते हुए यह साफ है कि दोनों पक्ष पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। ऐसे में युद्ध के जल्द खत्म होने की उम्मीद बेहद कम नजर आ रही है, और दुनिया की निगाहें अब इस टकराव के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।







