कलेक्टर ऋतुराज सिंह का सख्त एक्शन, कहा– संवेदनशील मामले में बिना जांच जारी किया गया गलत आदेश
देवास जिले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक हलकों में उस समय हड़कंप मच गया, जब कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक विवादित आदेश सामने आया। यह आदेश देवास के एसडीएम आनंद मालवीय द्वारा जारी किया गया था, जिसे कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
दरअसल, कांग्रेस द्वारा घोषित प्रदर्शन कार्यक्रम के मद्देनज़र कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर एसडीएम कार्यालय से एक आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में कुछ ऐसे तथ्य और आंकड़े शामिल थे, जिन्हें लेकर बाद में सवाल खड़े हुए। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि आदेश में जिन आंकड़ों और परिस्थितियों का उल्लेख किया गया, उनका न तो समुचित परीक्षण किया गया और न ही संबंधित विभागों से पुष्टि की गई।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने अपने निलंबन आदेश में स्पष्ट कहा कि एसडीएम ने एक अत्यंत संवेदनशील राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे पर बिना तथ्यों की जांच किए, गलत और भ्रामक आंकड़ों के आधार पर आदेश जारी किया। इससे न केवल प्रशासन की छवि प्रभावित हुई, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती थी।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि किसी भी प्रदर्शन या आंदोलन के दौरान प्रशासन की भूमिका निष्पक्ष, तथ्यपरक और संवैधानिक दायरे में होनी चाहिए। ऐसे मामलों में जारी किए जाने वाले आदेश पूरी तरह से सत्यापित तथ्यों और वास्तविक इनपुट पर आधारित होने चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष को अनुचित रूप से प्रभावित न किया जाए।
सूत्रों के अनुसार, विवादित आदेश सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर नाराजगी देखने को मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया और प्रारंभिक जांच के बाद एसडीएम आनंद मालवीय को निलंबित करने का फैसला किया।
इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह संदेश साफ है कि कानून-व्यवस्था जैसे संवेदनशील विषयों पर किसी भी तरह की लापरवाही या तथ्यात्मक त्रुटि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल, एसडीएम आनंद मालवीय को मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है और मामले की विस्तृत विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है। वहीं, कांग्रेस प्रदर्शन को लेकर प्रशासन अब अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सभी व्यवस्थाओं की नए सिरे से समीक्षा कर रहा है, ताकि जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।







