अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने Iran के सात छोटे सैन्य जहाजों को डुबो दिया है। उनके अनुसार ये जहाज Strait of Hormuz से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे थे। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील बन गई है।
ट्रम्प ने सख्त लहजे में कहा कि ईरान के पास अब केवल दो विकल्प हैं या तो वह ईमानदारी से समझौते की दिशा में आगे बढ़े, या फिर और सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहे। उन्होंने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर ईरानी बलों ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की, तो इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।
प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन के बीच बढ़ा टकराव, ईरान का कड़ा रुख
अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास “प्रोजेक्ट फ्रीडम ऑपरेशन” की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना है। इसी मिशन के दौरान अमेरिकी और ईरानी बलों के बीच यह टकराव हुआ बताया जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरान पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण है और उसकी अनुमति के बिना किसी भी जहाज को गुजरने नहीं दिया जाएगा। यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित संघर्ष के संकेत दे रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।







