पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देशों के तहत जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। सिवनी जिले के बरघाट क्षेत्र में की गई इस ट्रैप कार्रवाई ने सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
मामले में आवेदक अब्दुल वाहब, निवासी ग्राम साल्हे कोसमी, थाना बरघाट, जिला सिवनी ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उनकी पत्नी सबीना बी के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत कराने एवं 1 लाख 50 हजार रुपये की आवास राशि शीघ्र दिलाने के बदले ग्राम पंचायत साल्हे कोसमी के ग्राम रोजगार सहायक ओमेंद्र कुमार पारधी द्वारा 5 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से 22 जनवरी 2026 को ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही आवेदक ने आरोपी के निज निवास ग्राम साल्हे कोसमी में रिश्वत की राशि सौंपी, पहले से तैनात लोकायुक्त दल ने दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के पास से 5 हजार रुपये की ट्रैप राशि बरामद की गई।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी श्रीमती नीतू त्रिपाठी ने किया। ट्रैप दल में ट्रैप कर्ता सुश्री शशि मर्सकोले, निरीक्षक श्री बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित लोकायुक्त जबलपुर का विशेष दल शामिल रहा।
लोकायुक्त पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B) एवं 13(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर एक सख्त संदेश गया है।







