दुनिया की सांसें थाम देने वाली जंग का सातवां दिन… और मध्य-पूर्व का आसमान फिर आग से भर गया। ईरान ने इजराइल पर मिसाइलों की 22वीं खेप दागकर साफ संदेश दे दिया है यह सिर्फ जवाब नहीं, बल्कि खुली चुनौती है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि ऑपरेशन “ट्रू प्रॉमिस-4” की 22वीं लहर के तहत इजराइल के कब्जे वाले इलाकों के अंदर तक निशाना साधा गया। और इस बार कोई साधारण हथियार नहीं… बल्कि खोर्रमशहर-4, खैबर और हाइपरसोनिक फत्ताह जैसी उन्नत मिसाइलों से हमला किया गया। ईरान का संदेश बेहद आक्रामक है
“अगर हमला होगा… तो जवाब उससे कई गुना बड़ा होगा।”
इजराइल के शहरों में सायरन बजते रहे… लोग बंकरों में भागते रहे… और आसमान में मिसाइलों और इंटरसेप्टरों की टक्कर ने रात को दिन में बदल दिया।
तेहरान साफ संकेत दे रहा है कि अब यह लड़ाई सिर्फ सीमित जवाब नहीं, बल्कि लंबी टकराव की शुरुआत बन सकती है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती…
“कुवैत में अमेरिकी बेस पर सुसाइड ड्रोन हमला! ईरान का ताना – अब युद्ध सिर्फ इजराइल तक सीमित नहीं”
इजराइल पर मिसाइलों की बारिश के साथ-साथ ईरान ने अब सीधे अमेरिका को भी निशाने पर लेने का दावा किया है। ईरानी सेना के मुताबिक उसके जमीनी बलों ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर सुसाइड ड्रोन भेजे। ईरान के सरकारी टीवी ने दावा किया कि कई “विनाशकारी ड्रोन” अमेरिकी बेस की ओर बढ़े और यह सिर्फ शुरुआत है। तेहरान का लहजा साफ तौर पर ताना मारने वाला और चुनौती भरा है “अगर अमेरिका इस जंग में खुलकर उतरा… तो उसके ठिकाने भी सुरक्षित नहीं रहेंगे।” अब सवाल यह है कि क्या यह संघर्ष इजराइल बनाम ईरान से आगे बढ़कर अमेरिका बनाम ईरान की खुली जंग में बदलने जा रहा है? मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है मिसाइलें उड़ रही हैं… ड्रोन मंडरा रहे हैं… और दुनिया इंतजार कर रही है उस पल का जब अगला वार किस तरफ से होगा।जंग अब सिर्फ शुरू हुई है… और हर नया दिन इसे और खतरनाक बना रहा है।







