रूस में बेहतर भविष्य और मोटी सैलरी का सपना लेकर गए गुजरात के 20 युवक-युवतियां आज मुश्किल हालात में फंसे हुए हैं। आनंद और वडोदरा के इन युवाओं का आरोप है कि उन्हें डेढ़ लाख रुपए महीने तक की नौकरी का झांसा देकर रूस भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद हकीकत पूरी तरह अलग निकली।
पीड़ितों का कहना है कि उन्हें न तो वादा की गई नौकरी मिली और न ही तय वेतन। जहां लाखों की कमाई का सपना दिखाया गया था, वहीं अब उन्हें महज 10 हजार रुपए के आसपास सैलरी मिल रही है। हालात इतने खराब हैं कि कई लोग रहने और खाने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि उनके पासपोर्ट भी जब्त कर लिए गए हैं, जिससे वे खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पेटलाद निवासी एक एजेंट ने नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनों लोगों से लाखों रुपए वसूले और उन्हें रूस भेज दिया। अब आरोपी गिरफ्तार हो चुका है और पुलिस रूस में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास में जुटी है।
यह मामला विदेश में नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है, जो युवाओं को सतर्क रहने का संदेश देता है।







