केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। सूत्रों के अनुसार, संसद के मौजूदा सत्र में इस विषय से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जा सकते हैं। इन प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य महिला आरक्षण लागू करने की मौजूदा शर्तों को संशोधित करना है, ताकि इसे जल्द से जल्द प्रभावी बनाया जा सके।
प्रस्ताव के मुताबिक, लोकसभा में सदस्यों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 की जा सकती है। इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जिससे संसद में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से बढ़ेगी। यह कदम भारतीय राजनीति में लैंगिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
अमित शाह की बैठक से बनी सहमति, जल्द पेश हो सकते हैं बिल
इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने सोमवार को NDA और गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों के नेताओं के साथ अहम बैठक की। बैठक में व्यापक समर्थन जुटाने की कोशिश की गई, ताकि संसद में बिल पेश होने पर इसे आसानी से पारित कराया जा सके।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण कानून को संविधान का 106वां संशोधन के रूप में पारित किया गया था। हालांकि, उस कानून के तहत यह प्रावधान था कि महिला आरक्षण नई जनगणना और परिसीमन के बाद ही लागू होगा। अब सरकार इन शर्तों में बदलाव कर इसे 2029 से पहले लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
यदि प्रस्तावित बदलावों को मंजूरी मिलती है, तो यह भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाला एक ऐतिहासिक निर्णय साबित हो सकता है।







