रतलाम में दशा माता पूजा के दौरान हुई चेन स्नेचिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है। ये महिलाएं महाराष्ट्र के जलगांव की रहने वाली हैं और फिलहाल इंदौर में रह रही थीं। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी महिलाएं इंदौर से किराए की कार लेकर रतलाम आई थीं।
घटना हरदेवलाला पिपली क्षेत्र स्थित भैरव मंदिर में शुक्रवार को दशा माता पूजा के दौरान हुई। यहां क्षेत्र की रहने वाली 74 वर्षीय सावित्री देवी माहेश्वरी अपने परिवार के साथ पूजा कर रही थीं। इसी दौरान उनके गले से करीब तीन तोले सोने की चेन गायब हो गई। चेन में लगा लगभग एक ग्राम का सोने का पेंडल उनकी साड़ी में अटका हुआ मिला।
वृद्धा ने जब अपनी बहू विद्या माहेश्वरी को चेन गायब होने की जानकारी दी, तो बहू ने बताया कि पूजा के समय चार संदिग्ध महिलाएं उनकी सास के आसपास खड़ी थीं और वे स्थानीय नहीं लग रही थीं। बाद में उन महिलाओं को एक मैजिक वाहन में बैठकर जाते हुए भी देखा गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बहू विद्या माहेश्वरी ने कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में संदिग्ध महिलाओं की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने शहर के कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया।
जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए शहर में चार अलग-अलग स्थानों पर ऑटो बदले। इसके बाद वे अपनी किराए की कार से इंदौर के लिए रवाना हो गईं।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनका पीछा किया और अंततः धार जिले में उन्हें पकड़ लिया। मामले का खुलासा सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया और माणकचौक थाना प्रभारी पातीराम डावरे ने शनिवार दोपहर माणकचौक थाने में किया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि वे पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रही हैं या नहीं।







